रतलाम के डायल-112 हीरोज ट्रेन से गिरकर घायल हुए युवक को त्वरित सहायता देकर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल 

रतलाम जिले के थाना रावटी क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से ट्रेन से गिरकर घायल हुए एक युवक को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। डायल-112 टीम की त्वरित सहायता से युवक को शीघ्र चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी।

12 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना रावटी क्षेत्र अंतर्गत कोटड़ा गाँव के पास एक युवक ट्रेन से गिरकर घायल हो गया है तथा उसे तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना रावटी क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री बहादुर दांगी एवं पायलट श्री शाहिद अली ने मौके पर पहुंचकर पाया कि कोटड़ा गाँव के समीप ट्रेन से गिरने के कारण एक युवक घायल हो गया था।

डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घायल युवक को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सुरक्षित शासकीय अस्पताल रावटी पहुँचाया। समय पर मिली सहायता के कारण घायल युवक को शीघ्र चिकित्सकीय सुविधा प्राप्त हो सकी।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ नागरिकों की सुरक्षा एवं जीवन

 

घरों में रखी पाण्डुलिपियों का संरक्षण जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मठ मंदिरों के साथ-साथ कई घरों में भी प्राचीन पाण्डुलिपियां सुरक्षित हैं। हमारी सांस्कृतिक स्मृतियां, ज्ञान, परम्पराएं, विज्ञान और दर्शन पाण्डुलिपियों के रूप में अभी तक विद्यमान हैं। इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अमूल्य विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के लिए ज्ञान भारतम् मिशन की पहल राष्ट्रीय स्तर पर आरंभ की गई है। जिसके अंतर्गत वर्ष 1950 से पहले की पाण्डुलिपियों का डिजिटल रूप से संरक्षण किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत मंदिरों, मठों, आश्रमों, पुस्तकालयों और शैक्षणिक व शोध संस्थाओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों में ताड़पत्र, ताम्रपत्र, प्रस्तर, भोजपत्र, पोथियों आदि के रूप में विद्यमान पाण्डुलिपियों का संरक्षण होना है। प्रदेश के एतिहासिक और सांस्कृतिक व धार्मिक रूप से समृद्ध है। यहां के धार्मिक स्थलों के साथ-साथ कई परिवारों तथा व्यापारिक संस्थानों के पास भी पर्याप्त मात्रा में पाण्डुलिपियां विद्यमान हैं। भारत की ज्ञान परम्परा को सुरक्षित रखने के इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रदेशवासियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स वीसी में ज्ञान भारतम् मिशन के संबंध में यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई और अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि प्रदेश के जिलों में उपलब्ध पाण्डुलिपियों की अनुमानित संख्या 10 लाख 24 हजार 571 हैं। पाण्डुलिपियों के संरक्षण के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति द्वारा ज्ञान भारतम् मोबाइल एप के माध्यम से पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण और उनकी अपलोडिंग की जा रही है। इस मिशन के लिए भारत सरकार और प्रदेश के पुरातत्व विभाग द्वारा प्रत्येक जिले के लिए एक प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाण्डुलिपि संरक्षण अभियान के लिए पाण्डुलिपि धारकों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें अभियान से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन गतिविधियों में शैक्षणिक संस्थानों और शोधार्थियों के भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

 

 

लापरवाही करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा : मंत्री राजपूत

भोपाल

सागर जिले में गेहूं खरीदी में गंभीरिया के लक्ष्मी नगर स्थित  देव प्रभाकर हाउस में गंभीर अनियमितताओं और किसानों के हितों से खिलवाड़ के मामले को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर को तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री  राजपूत के निर्देश पर मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर सहायक आपूर्ति अधिकारी निशांत पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, वहीं जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल को सागर जिले प्रभार से हटा कर भोपाल मुख्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री  राजपूत द्वारा कलेक्टर सागर को यह भी निर्देशित किया गया है कि खाद्य विभाग के अतिरिक्त उपार्जन के लिए जिम्मेदार अन्य विभाग के कर्मचारियों की भूमिका की जांच भी की जाए और दोषी होने पर उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाये। मंत्री  राजपूत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की मेहनत और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपार्जन प्रक्रिया में यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या समूह लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बोरियों में गेहूं के साथ मिट्टी मिलाने का मामला

जिले के एक वेयरहाउस में गेहूं की बोरियों में भारी मात्रा में मिट्टी मिलने का मामला सामने आया। प्रारंभिक जांच में कुछ बोरियों में गड़बड़ी दिखाई दी थी। बोरियों में गेहूं के स्थान पर अत्यधिक मात्रा में मिट्टी पाए जाने की पुष्टि हुई। जानकारी के अनुसार कुछ बोरियों में मिट्टी की अधिक मात्रा पाई गई। खाद्य मंत्री  राजपूत के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की और संबंधित स्व-सहायता समूह के पदाधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया। इसके साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध

मंत्री  राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही न हो, इसके लिए सरकार लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को सशक्त बनाने, उनकी आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति या अधिकारी किसानों के अधिकारों पर कुठाराघात करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री  राजपूत ने कहा, किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी मेहनत और विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। गेहूं खरीदी में हुई गड़बड़ी अत्यंत गंभीर मामला है। मैंने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कदम उठाए हैं। जांच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी, संस्था या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। किसानों के हितों की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत की जाएगी।

 

 

आयकर अधिनियम-2025 और जीएसटी विवादों पर विशेषज्ञों ने खोले नए प्रावधानों के राज

विवेक झा, भोपाल। बदलते कर कानूनों और अनुपालन की नई चुनौतियों के बीच टैक्स लॉ बार एसोसिएशन, भोपाल द्वारा शनिवार को मोटल शिराज में एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया। संगोष्ठी में आयकर अधिनियम-2025, प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन और जीएसटी लिटिगेशन जैसे समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि लगभग 150 अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कर सलाहकारों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

कर संग्रहण में पेशेवरों की भूमिका अहम : विश्वास कैलाश सारंग

मुख्य अतिथि विश्वास कैलाश सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि देश की कर व्यवस्था को मजबूत बनाने में कर पेशेवरों, अधिवक्ताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सरल कर प्रणाली विकसित भारत की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने केंद्र सरकार की समावेशी आर्थिक नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि कर सुधारों का उद्देश्य अनुपालन को आसान बनाना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

आयकर अधिनियम-2025 से कानून होगा अधिक सरल

प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए पंकज शाह ने “प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन एवं आयकर अधिनियम-2025” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए कहा कि नए आयकर कानून का उद्देश्य प्रावधानों को सरल, स्पष्ट और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाना है। उन्होंने बताया कि छोटे व्यापारियों, स्वतंत्र पेशेवरों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े करदाताओं के लिए प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन व्यवस्था अनुपालन का आसान विकल्प प्रदान करती है, जिससे जटिल लेखांकन और विस्तृत रिकॉर्ड रखने का बोझ कम हो सकता है।

उन्होंने प्रतिभागियों को समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करने, डिजिटल भुगतान प्रणाली अपनाने और वित्तीय अभिलेखों को व्यवस्थित रखने की सलाह दी। सीए शाह ने कहा कि नए कानून में कई प्रावधानों को पुनर्गठित कर अधिक तार्किक स्वरूप दिया गया है, जिससे करदाताओं और पेशेवरों दोनों को सुविधा मिलेगी।

प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन से छोटे कारोबारियों को राहत

अपने व्याख्यान में सीए पंकज शाह ने बताया कि प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन योजना का उद्देश्य छोटे और मध्यम करदाताओं के लिए कर अनुपालन को आसान बनाना है। इस व्यवस्था के तहत पात्र व्यवसायी निर्धारित शर्तों के अनुसार अनुमानित आय के आधार पर कर दे सकते हैं, जिससे विस्तृत खातों और ऑडिट की जटिलताओं से राहत मिलती है। उन्होंने कहा कि सही योजना का चयन करदाता के व्यवसाय की प्रकृति और आय के आधार पर किया जाना चाहिए।

जीएसटी नोटिस को हल्के में न लें : सीए आंचल कपूर

जीएसटी कानून और उससे जुड़े विवादों पर आयोजित विशेष सत्र में सीए आंचल कपूर ने “जीएसटी लिटिगेशन : नोटिस से अपीलीय अधिकरण तक” विषय पर व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जीएसटी विभाग से प्राप्त किसी भी नोटिस का समयबद्ध और तथ्यों पर आधारित उत्तर देना अत्यंत आवश्यक है।

लापरवाही या देरी अनावश्यक विवादों और दंडात्मक कार्रवाई का कारण बन सकती है।

उन्होंने प्रतिभागियों को शो-कॉज नोटिस, जांच प्रक्रिया, मांग आदेश, अपील और अपीलीय अधिकरण तक की संपूर्ण कानूनी प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई।

दस्तावेज और तथ्य ही मजबूत बचाव का आधार

सीए आंचल कपूर ने कहा कि किसी भी जीएसटी विवाद में उचित दस्तावेजी रिकॉर्ड सबसे बड़ा बचाव होता है। उन्होंने वास्तविक मामलों और न्यायिक निर्णयों के उदाहरण देते हुए बताया कि नोटिस का उत्तर विधिक प्रावधानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तैयार किया जाना चाहिए। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन और समय पर अपील दायर करना करदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

प्रतिभागियों ने पूछे व्यावहारिक सवाल

संगोष्ठी के दौरान उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं, उद्योगपतियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों ने जीएसटी आकलन, शो-कॉज नोटिस, मांग आदेश, अपील प्रक्रिया और अपीलीय अधिकरण से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सभी जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान प्रस्तुत किया, जिसे प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी और व्यवहारिक बताया।

ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों की बढ़ी जरूरत

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने कहा कि बदलते कर कानूनों और बढ़ते कर विवादों के दौर में इस प्रकार की संगोष्ठियां करदाताओं और पेशेवरों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतिभागियों को प्राप्त जानकारी भविष्य में कर अनुपालन और विवाद प्रबंधन में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगी।

संस्था के पदाधिकारी और वरिष्ठ सदस्य रहे मौजूद

सेमिनार में टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता मनोज पारख, उपाध्यक्ष मयंक अग्रवाल एवं अंकुर अग्रवाल, सचिव धीरज अग्रवाल, सह-सचिव संदीप चौहान, कोषाध्यक्ष दीपेश भंडारी तथा वरिष्ठ सदस्य आर.के. पारख, अमित जैन, संदीप मुखर्जी, गोविंद वसंता, राजेश्वर दयाल, सौरभ श्रीवास्तव, प्रदीप शर्मा, जयंत जोशी सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

संगोष्ठी से निकले प्रमुख संदेश

  • आयकर अधिनियम-2025 का उद्देश्य कर कानूनों को अधिक सरल और व्यवस्थित बनाना है।
  • प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन छोटे व्यापारियों और पेशेवरों के लिए अनुपालन का आसान विकल्प हो सकता है।
  • समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करना और डिजिटल लेन-देन अपनाना महत्वपूर्ण है।
  • जीएसटी नोटिसों का तथ्यों और विधिक आधार पर समयबद्ध उत्तर देना आवश्यक है।
  • मजबूत दस्तावेजी रिकॉर्ड और सही अपील प्रक्रिया विवादों से बचाव में सहायक होती है।
  • बदलते कर कानूनों को समझने के लिए नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम समय की जरूरत हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीट परीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन के संबंध में दिए दिशा-निर्देश

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स वीसी में 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीट परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात के सुचारू संचालन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। पुलिस प्रशासन परीक्षार्थियों के साथ सकारात्मक भाव से हर संभव सहयोग प्रदान करे। जिला स्तर पर सोशल मीडिया पर नजर रखी जाए तथा अफवाह फैलने की स्थिति में तत्काल वस्तुस्थिति से लोगों को अवगत कराया जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 30 जिलों में नीट परीक्षा के लिए 283 सेंटर बनाए गए हैं। सर्वाधिक 57 केंद्र इंदौर में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति मती द्रोपदी मुर्मू के प्रदेश में होने वाले दौरे के दृष्टिगत आवश्यकत तैयारियों के संबंध में भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में हुई बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई,  अनुपम राजन और  शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे।

जिलों की बनेंगी विकास पुस्तिकाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर विकास और जनकल्याण योजनाओं के संचालन की स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी। जुलाई माह में कलेक्टर्स-एसपी कांफ्रेंस भी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री अपने संबोधन में विस्तृत रूप से जिले की उपलब्धियां प्रस्तुत करेंगे। प्रभारी मंत्रियों के संबोधन से पहले राज्य स्तर से मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। यह सभी जिलों में प्रसारित होगा। जिला स्तर की उपलब्धियों के प्रस्तुतिकरण से जिला स्तर पर संचालित विकास और जनकल्याण गतिविधियों का दस्तावेजीकरण होगा, इसकी तैयारी तत्काल आरंभ की जाए। इस आधार पर जिलों की विकास पुस्तिका बनेगी।

 

पुलिस मुख्यालय में सुरक्षाकर्मियों को दिया फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी तारतम्य में शनिवार शाम पुलिस मुख्यालय के भूतल पर सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आग पर काबू पाने का प्रशिक्षण दिया गया। अग्नि नियंत्रण संबंधी प्रशिक्षण में आधुनिक उपकरणों द्वारा आग बुझाने की मॉकड्रिल भी की गई। मॉकड्रिल के दौरान तरल पदार्थों में लगी आग को पुलिस के जवानों ने अग्निशमन यंत्रों के प्रयोग से किस तरह आसानी से बुझाई जा सकती है, इसका प्रशिक्षण प्राप्त किया। सुरक्षाकर्मियों ने आग को धुएं और लपटों से बचकर बुझाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर आग बुझाने का अभ्‍यास भी किया। मॉकड्रिल में प्रमुख रूप से पुलिस मुख्यालय के सुरक्षा इंचार्ज  मुकेश सैनी, निरीक्षक विजय नागले, पुलिस फायर स्टेशन भोपाल के एसआई  शिवनारायण शर्मा व उनकी टीम उपस्थित थी।

इन उपकरणों का दिया प्रशिक्षण

मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आग बुझाने में प्रयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों के संबंध में जानकारी दी गई। आग बुझाने के दौरान प्रयोग में आने वाले कलेक्टिंग ब्रिज, डिवाइडिंग ब्रिज, फायर मेन हेलमेट, फोम नोजल, अग्निशमन सिलेंडर एवं कॉर्टेज, टॉर्च, रिवॉल्विंग नोजल, यूनिवर्सल ब्रांच, न्यू लाइट(ब्रांच), ऑर्डनरी ब्रांच, एडॉफ्टर, जाली, फायर मेन एक्स, लॉक कटर, प्रॉक्सीमेटी सूट, एल्यूमिनियम सूट, कैमिकल सूट, ब्रीदिंग ऑपरेटर सेट, लाइफ जैकेट, हौज पाइप, फायर ब्लैंकेट, अग्निशमन यंत्र आदि की जानकारी दी गई।

5 तरह की होती है आग- बुझाने में बरतें सावधानी

प्रशिक्षण के दौरान एसआई  शिवनारायण शर्मा ने बताया कि आग पांच तरह की होती है, जिन्हें बुझाने का तरीका भी अलग-अलग होता है। उन्होंने बताया कि इन्हें ए से इ तक की श्रेणी में रखा गया है। लकड़ी-कोयला में लगी छोटी आग को ए क्लास में रखा गया है। तरल पदार्थों में लगी आग को बी क्लास, गैसों में लगी आग को सी क्लास, मेटल में लगी आग को डी क्लास और इलेक्ट्रिक आग को ई क्लास की श्रेणी में रखा गया है। इन सभी आग को पानी या कैमिकल की मदद से बुझाया जाता है।

अग्नि दुर्घटना होने पर यह करें

  •         फायर ब्रिगेड, पुलिस कंट्रोल रूम, पुलिस थाना, विद्युत विभाग एवं चिकित्सालय को सूचना दें।
  •         फायर फायटिंग दल फायर एक्सटिंग्यूशर अथवा पानी या रेत से अग्नि को प्रारंभिक स्थिति में बुझाएं। भवन के विद्युत प्रवाह को मेन स्विच से तत्काल कट-ऑफ करें।
  •         फायर अलार्म दल सभी को अग्नि दुर्घटना की चेतावनी अलार्म बजाकर दें।
  •         बचाव दल (इवेक्युएशन टीम) बिल्डिंग के व्यक्तियों को पूर्व निर्धारित योजना अनुसार सुरक्षित रास्तों से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाएं।
  •         भगदड़ नहीं करें।
  •         लिफ्ट का प्रयोग कतई न करें।
  •         संपत्ति बचाव दल महत्वपूर्ण व मूल्यवान सम्पत्ति को बाहर निकालें।
  •         अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों जैसे-पैट्रोल, कैरोसिन, प्लास्टिक, आदि को अग्नि दुर्घटना स्थल से दूर करें।

इन नंबरों पर करें सूचित

आग की सूचना देने के लिए भोपाल में एमपीईबी के हेल्पलाइन नंबर 0755-2678251, 0755-2678369 पुलिस का हेल्पलाइन नंबर 0755-2555922, पुलिस फायर स्टेशन का हेल्पलाइन नंबर 0755-2441008 और नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 0755-2542222 पर कॉल कर किया जा सकता है।

 

15 दिवस में प्रगति न लाने वाले रेड लिस्टेड संविदाकार होंगे ब्लैक लिस्ट, कटेगी परफॉर्मेंस गारंटी : आयुक्त भोंडवे

भोपाल

नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने निर्देश दिए कि “रेड लिस्ट के संविदाकार यदि 15 दिवस में परियोजनाओं में प्रगति नहीं लाते हैं, तो उनकी परफॉर्मेंस गारंटी की कटौती एवं उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। साथ ही रेड लिस्ट वाली परियोजनाओं के सभी संविदाकारों पर L.D. अधिरोपित किया जाएगा। आयुक्त  भोंडवे ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा अमृत 2.0 अंतर्गत संचालित जलप्रदाय परियोजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक में संविदाकारों और अधिकारियों को निर्देश दिए।

आयुक्त  भोंडवे ने बताया कि संविदाकारों के कार्यों में किए गए समयबद्ध भुगतान के संबंध में भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उपलब्ध कराई गई राशि का 100 प्रतिशत उपयोग मार्च, 2026 तक सुनिश्चित कर लिया गया। इस बेहतर वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन के फलस्वरूप मध्यप्रदेश अमृत योजना के अंतर्गत वर्तमान में देश में 7वें रैंक पर आ गया है।

बैठक में वर्तमान में योजनांतर्गत कम प्रगति वाली पाई गई 122 परियोजनाओं की कार्यगुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन एवं लंबित बिंदुओं की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त  भोंडवे ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन कम प्रगति वाली परियोजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, जिससे कार्य समय-सीमा में पूरे हो सकें।

बैठक में संभागीय संयुक्त संचालक, संभागीय अधीक्षण यंत्री, संभागीय कार्यपालन यंत्री, टीएल (TL), पीडीएमसी (PDMC) एवं आर.ई. प उपस्थित रहे। इसके साथ ही, शेष नगरीय निकायों के अधिकारी और संविदाकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।

 

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्री सारंग ने नरेला शासकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों से किया संवाद

भोपाल 

सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और विकास के स्वर्णिम 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं शिक्षण संस्थान संवाद के तहत शनिवार को शासकीय महाविद्यालय नरेला में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास की उपलब्धियों की जानकारी साझा की।

मंत्री  सारंग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत ने बीते 12 वर्षों में विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता, शिक्षा, खेल, तकनीक और जनसेवा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को प्राप्त किया है। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने, शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मंत्री  सारंग ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। मंत्री  सारंग ने विद्यालय परिसर एवं महाविद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

मंत्री  सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत करोंद क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। साथ ही क्षेत्रवासियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों में आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने पर बल दिया।

मंत्री  सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा के समग्र एवं सतत विकास के लिए विभिन्न आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं से जुड़े कार्य निरंतर किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

 

भोपाल में बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने के लिए जिला कंट्रोल रूम शुरू, 15 जून से 24 घंटे रहेगा सक्रिय

भोपाल

भोपाल जिले में बाढ़ और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत जिला कार्यालय भोपाल ने नगर निगम कार्यालय सदर मंजिल स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन (फतेहगढ़) में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम 15 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक 24 घंटे कार्यरत रहेगा।

जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर

आम नागरिक आपदा संबंधी सहायता और जानकारी के लिए निम्न दूरभाष क्रमांक पर संपर्क कर सकते हैं:

0755-2540220
0755-2701401
0755-2542222
अधिकारी और कर्मचारियों को किया गया पाबंद

जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम के सुचारु संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से पाबंद किया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए निम्न अधिकारियों की नियुक्ति की गई है:

प्रभारी अधिकारी:  लाखन सिंह चौधरी

सहायक प्रभारी:  कृष्णा रावत, प्रभारी तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन

लिंक अधिकारी:  योगेश वास्तव, प्रभारी नायब तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन

इसके अलावा जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष में कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासन की तैयारी

प्रशासन का उद्देश्य मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश, जलभराव, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना है। कंट्रोल रूम के माध्यम से नागरिकों की शिकायतें, सूचना और सहायता अनुरोध तुरंत संबंधित विभागों तक पहुंचाए जाएंगे।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम से संपर्क करें।

नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस का पहला कर्तव्य है। पीड़ित व्यक्तियों के साथ विनम्र व्यवहार और उनके हितों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सिंहस्थ-2028, करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। इस आयोजन में संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव से मध्यप्रदेश पुलिस, आदर्श व्यवस्था का उदाहरण देश-दुनिया में प्रस्तुत कर सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित आईजी कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर देकर उनका अभिवादन किया गया। कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा, अपर मुख्य सचिव  संजय शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईजी स्तर के बाद संभाग स्तर पर भी समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और वे स्वयं इन बैठकों में शामिल होंगे।

साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को दी जाए सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशामुक्ति, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला और बच्चों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को पुलिस विभाग की प्रमुख प्राथमिकताएं बताते हुए अधिकारियों को प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, संगठित अपराध, माफिया गतिविधियां, भूमि संबंधी अपराध, सामाजिक चुनौतियों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करना होगा।

प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए संचालित किया जाए जनजागरण अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादवने मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यवाहियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। मध्यप्रदेश पुलिस के अथक प्रयासों से मंडला और बालाघाट जिले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हुए। मध्यप्रदेश की धरती से लाल सलाम को आखिरी सलाम किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश की धरती से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने सुशासन की मिसाल प्रस्तुत की है। मध्यप्रदेश, नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने वाला देश का पहला राज्य बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी अनेकों उपलब्धियों के लिए आज प्रदेशवासी मध्यप्रदेश पुलिस और सुरक्षाबलों पर गर्व करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में संचालित नशामुक्ति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सहभागिता से व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के लिए जागरूकता, संवाद और सामुदायिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

राज्य सरकार हर साल भर्ती के लिए कर रही है आवश्यक प्रबंधन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार भारत सरकार के नए आपराधिक कानूनों को लागू करते हुए और सभी जरूरी संसाधन जुटाते हुए पुलिस भर्ती प्रक्रिया को जारी रख रही है। अब तक पुलिस विभाग में 22 हजार अलग-अलग पदों पर भर्ती की जा चुकी है। राज्य सरकार हर साल भर्ती करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन कर रही है। हमारा प्रयास है कि स्वीकृत पदों में से कोई भी पद खाली न रहे। विकास के क्रम में पुलिस अपनी पूरी क्षमता से सुशासन और प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्य करे।

सिंहस्थ : 2028 के लिए प्रशिक्षण और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय प्रबंधन की बड़ी चुनौती भी है। इसके लिये अभी से प्रशिक्षण, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित वातावरण तथा आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था के प्रशिक्षण से प्रदेश में आयोजित होने वाले अन्य बड़े मेलों के प्रबंधन को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

साम्प्रदायिक ताकतों पर नियंत्रण के लिए निरंतर सजग रहना जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार में भोजशाला से संबंधित न्यायालय के निर्णय को मध्यप्रदेश पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर लागू कराया। भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर शांति पूर्ण स्थिति कायम रखने में भी पुलिस की अहम भूमिका रही। इसके लिए धार प्रशासन और पुलिस बल बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साम्प्रदायिक ताकतों को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को निरंतर सजग रहना होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

  •     पेट्रोलिंग के लिए छोटी और तंग गलियों में उपयुक्त व्यवस्था हो, यह सुनिश्चित किया जाए कि पेट्रोलिंग में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आए।
  •     थानों में शुचिता का माहौल बने।
  •     वरिष्ठ अधिकारी आकस्मिक निरीक्षण सुनिश्चित करें।
  •     वर्षाकाल से पहले नगरीय निकायों के सहयोग से खतरनाक बिल्डिंगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।
  •     यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बाजार देर रात तक संचालित न हो।
  • मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था आरंभ : डीजीपी  मकवाणा

कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जिससे शासन की प्राथमिकताओं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पुलिस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया प्रदेश में डायल-112 सेवा, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण तथा नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में भर्ती प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं तथा लंबित पदोन्नति संबंधी मामलों के निराकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और नशे के विरुद्ध अभियान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता

पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने बताया कि बाल सुरक्षा एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर गत एक वर्ष के दौरान 14 हजार से अधिक नाबालिगों को संरक्षण एवं सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन, साइबर अपराध नियंत्रण तथा बढ़ते कार्यभार को देखते हुए पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम, आधुनिक तथा तकनीक-संपन्न बनाया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं नशे के विरुद्ध अभियान विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान के प्रथम चरण को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ तथा आगामी शैक्षणिक सत्र में इसके द्वितीय चरण को और अधिक व्यापक स्वरूप में संचालित किया जाएगा।

बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, समस्त जोनल पुलिस महानिरीक्षक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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