वर्ल्ड चैंपियनशिप्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे मध्यप्रदेश के अजय अहिरवार

भोपाल

मध्यप्रदेश के युवा प्रतिभागी अजय अहिरवार ने इंडिया स्किल्स नेशनल कंपीटिशन 2025- 26 में ब्रिक लेइंग स्किल में स्वर्ण पदक प्राप्त कर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन भारत की ओर से वर्ल्ड स्किल्स कंपीटिशन 2026 के लिए हुआ है, यह कंपीटिशन सितंबर 2026 में शंघाई, चीन में आयोजित होगी।

अजय अहिरवार का चयन

ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 के लिए भी हुआ है, जिसका आयोजन 23 से 29 जून 2026 तक ऑस्ट्रेलिया में किया जाएगा। प्रतियोगिता में वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वर्तमान में अजय अहिरवार कानपुर में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त कर आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं।

अजय की यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। सीमित संसाधनों के बीच अपनी मेहनत, लगन और कौशल के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाई है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि सही प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प के माध्यम से युवा वैश्विक स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।

अजय की उपलब्धियों और उनकी तैयारी को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे वे आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी और अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें।

मध्यप्रदेश में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के युवाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के रूप में सामने आ रहे हैं। राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

 

मध्य प्रदेश के ग्रामीणों को बड़ी राहत, गांवों में मकान और दुकान की रजिस्ट्री होगी निःशुल्क

भोपाल

मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि पर आवास, दुकान या भूखंडधारकों को अचल संपत्ति का मालिकाना हक देने के लिए निःशुल्क रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसके लिए मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश जारी किया गया है। इसके तहत सरकार अतिरिक्त शुल्क लेने से छूट दे सकती है।

अधिकार पत्र के बाद भी नहीं मिल रहा था लोन, इसलिए बनी नई योजना

प्रदेश में स्वामित्व योजना के अंतर्गत अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया, जिसमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं। इन्हें अधिकार पत्र तो दे दिए गए लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं हुआ क्योंकि बैंकों ने इसके आधार पर ऋण नहीं दिया। उन्हें रजिस्ट्री चाहिए, इसलिए सरकार ने ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ बनाई।

अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश जारी, मानसून सत्र में आएगा विधेयक

चूंकि, नियम में शुल्क से छूट का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 में अध्यादेश के माध्यम से संशोधन किया गया है। इससे सरकार को अतिरिक्त शुल्क लेने से छूट देने का अधिकार मिल गया। अभी ग्रामीण क्षेत्र में रजिस्ट्री पर एक प्रतिशत पंचायत उपकर और आधा प्रतिशत सेस लगता है।

इसी तरह मध्य प्रदेश उपकर अधिनियम में स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क से छूट देने का प्रावधान भी अध्यादेश के माध्यम से किया जाएगा। दोनों संशोधनों के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक प्रस्तुत होंगे।

 

खजराना गणेश मंदिर का भव्य मास्टर प्लान: गर्भगृह के सामने सभा मंडप होगा नीचे, बनेगा दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर

इंदौर
 देश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के बड़े केंद्र, प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर के कायाकल्प का काम अब मास्टर प्लान के अनुसार शुरू होने जा रहा है। मंदिर में भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या और उनकी सुविधा को देखते हुए पहले चरण के विकास कार्यों को हरी झंडी दे दी गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट को इस तरह प्लान किया गया है कि मंदिर आने वाले भक्तों को दर्शन करने में कोई परेशानी न हो।

पहले चरण में गर्भगृह का द्वार होगा चौड़ा
विकास कार्य के पहले चरण में सबसे पहले खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश द्वार (गेट) की चौड़ाई को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए द्वार पर लगी करीब 150 किलो चांदी को सुरक्षित निकालकर सरकारी खजाने (ट्रेज़री) में जमा करा दिया गया है। चांदी हटाने के बाद द्वार की मजबूती और बनावट की जांच इंदौर के एसजीएसआईटीएस (SGSITS) कॉलेज द्वारा की गई है। कॉलेज की तकनीकी रिपोर्ट आ चुकी है, जिसके सुझावों के आधार पर अगले एक-दो दिनों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

रात में होगा काम, दर्शन व्यवस्था नहीं होगी प्रभावित
श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए एक खास रणनीति बनाई गई है। गर्भगृह के आगे एक पारदर्शी प्लास्टिक शीट लगाई गई है ताकि काम की धूल अंदर न जाए। इसके अलावा, सारा निर्माण कार्य रात के समय किया जाएगा, जब मंदिर आम जनता के लिए बंद रहता है। पहले चरण के इन कामों पर करीब 8 से 10 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जिसे एक दानदाता और उनके सहयोगियों की मदद से पूरा किया जा रहा है।

सभा मंडप को ढाई फीट नीचे किया जाएगा
अक्सर देखा जाता है कि आगे खड़े लोगों की वजह से पीछे कतार
में लगे भक्तों को भगवान के दर्शन ठीक से नहीं हो पाते। इस समस्या को दूर करने के लिए गर्भगृह के सामने बने सभा मंडप को करीब दो से ढाई फीट नीचे (गहरा) किया जाएगा। इससे पीछे खड़े लोग, वीआईपी मेहमान और नवविवाहित जोड़े बिना किसी बाधा के बप्पा के दर्शन कर सकेंगे।

बनेगा दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर
भक्तों की भारी भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए मंदिर परिसर में एक दो मंजिला (टू-स्टोरी) दर्शन कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें मजबूत रेलिंग लगी होंगी। इसके साथ ही मुख्य गर्भगृह के सामने ‘स्टेप दर्शन’ (सीढ़ीनुमा) व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि कतार में खड़े हर आखिरी व्यक्ति को भगवान साफ नजर आएं। इसके अलावा परिसर में मौजूद 33 छोटे मंदिरों में से कुछ झुके हुए मंदिरों को ठीक करके एक कतार में व्यवस्थित किया जाएगा।

पार्किंग, प्रवेश द्वार और नई गाड़ियों की पूजा की भी होगी व्यवस्था
पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार, अगले चरण में पार्किंग सहित मास्टर प्लान के अन्य कामों को पूरा किया जाएगा। इसके तहत पार्किंग क्षेत्र का विकास, पार्किंग तक पहुंचने के लिए रोटरी निर्माण, नई गाड़ियों की पूजा के लिए अलग व्यवस्था और मंदिर परिसर में मौजूद प्रसाद दुकानों के ऊपर शेड लगाए जाएंगे।

इसके अलावा बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केंद्र, हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए पेड़-पौधों का रोपण और अन्य सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

पंडित भट्ट ने बताया कि मान्यता के अनुसार, खजराना गणेश मंदिर परमारकालीन और काफी प्राचीन मंदिर है। समय के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने और जरूरतों के अनुसार मंदिर का स्वरूप भी बदलता और विकसित होता गया है।

भगवान बुद्ध के करुणा, शांति और वैश्विक बंधुत्व के संदेश को विश्वभर में आगे बढ़ा रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी : मंत्री परमार

भोपाल 

भगवान गौतम बुद्ध के परम शिष्यों  सारिपुत्र एवं  महामोद्गलायन के पवित्र अस्थि अवशेष मंगोलिया के दस दिवसीय आध्यात्मिक प्रवास के उपरांत गुरुवार को भोपाल स्थित राजा भोज विमानतल पहुंचे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमा के साथ स्वागत समारोह आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं एवं गणमान्य अतिथियों ने पुष्पवर्षा कर पवित्र अवशेषों का आत्मीय अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाबोधि सोसायटी, साँची के पूज्य बान गल उप तिस्स नायक थेरो एवं बान गल विमल तिस्स थेरो, संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव  शिवशेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति  एन.पी. नामदेव तथा मंगोलिया प्रवास पर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित थे।

मंत्री  परमार ने कहा कि भगवान बुद्ध द्वारा प्रदत्त शांति, करुणा और मानव कल्याण का संदेश आज भी विश्व को दिशा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के माध्यम से इसी मानवीय और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन देशों तक भगवान बुद्ध का संदेश पहुंचा है, वहां भारत के साथ सांस्कृतिक आत्मीयता और आध्यात्मिक जुड़ाव की मजबूत आधारशिला निर्मित हुई है।

अपर मुख्य सचिव संस्कृति  शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के विशेष प्रयासों से भगवान बुद्ध एवं उनके प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन विश्व के बौद्ध समुदायों को उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मंगोलिया के गंदन मठ में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र अवशेषों के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

महाबोधि सोसायटी, साँची के पूज्य बान गल उप तिस्स नायक थेरो ने भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन प्रयासों से विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन का दुर्लभ अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा पवित्र अवशेष महाबोधि सोसायटी एवं जिला प्रशासन रायसेन को विधिवत सौंपे गए। कार्यक्रम के अंत में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्फेडरेशन के संचालक कर्नल यश सक्सेना ने आभार व्यक्त किया।

मंगोलिया में एक लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

पवित्र अस्थि अवशेष 28 मई 2026 को भोपाल से मंगोलिया रवाना किए गए थे। मंगोलिया की राजधानी उलानबातर स्थित गंदन तेगचेनलिंग मठ में 31 मई से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रदर्शित किए गए। दस दिनों तक चली इस आध्यात्मिक प्रदर्शनी में मंगोलिया के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

भारत और मंगोलिया बौद्ध धर्म की साझा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जुड़े हुए हैं। पवित्र अवशेषों की यह यात्रा, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हुई है। 10 जून को भारतीय प्रतिनिधिमंडल इन पवित्र अवशेषों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से पुनः भारत लेकर आयेंगे।

 

जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने इंदौर-पीथमपुर की औद्योगिक एवं आईटी क्षमताओं का किया अवलोकन

भोपाल

जर्मनी के कॉन्सुलेट जनरल क्रिस्टोफ हॉलियर ने इंदौर एवं पीथमपुर क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के दौरान यहां विकसित औद्योगिक अधोसंरचना, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रगति तथा निवेश संभावनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने क्षेत्र में संचालित उद्योगों, आधुनिक विनिर्माण सुविधाओं और तकनीकी नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। पीथमपुर में महले आनंद थर्मल सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड की उत्पादन इकाई का भ्रमण कर विनिर्माण प्रक्रियाओं एवं औद्योगिक व्यवस्थाओं को देखा। साथ ही इंदौर स्थित इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का अवलोकन कर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में विकसित हो रहे नवाचारों और सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।

भ्रमण के दौरान एमपीआईडीसी इंदौर के कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति ने उन्हें इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र की औद्योगिक प्रगति, निवेश अवसरों, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, आईटी इकोसिस्टम तथा व्यापारिक संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने क्षेत्र में उपलब्ध विश्वस्तरीय अधोसंरचना, उद्योग-अनुकूल वातावरण, कुशल मानव संसाधन तथा निवेशकों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी भी दी। कॉन्सुलेट जनरल ने इंदौर की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से भी परिचय प्राप्त किया। उन्होंने राजवाड़ा और लालबाग पैलेस का भ्रमण कर शहर की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन संभावनाओं की सराहना की।

क्रिस्टोफ हॉलियर ने बताया कि भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग निरंतर मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग तथा प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण संभावनाएं रखता है और भविष्य में जर्मन निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

यह दौरा मध्यप्रदेश और जर्मनी के बीच औद्योगिक एवं आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

योगी सरकार के शिक्षा विजन को मिली नई मजबूती, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी में मेधाओं का सम्मान

उन्नाव/लखनऊ, 

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी दिशा में शिक्षा, नवाचार और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में आयोजित दो दिवसीय सीयू स्कॉलर समिट-2026 का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए 1500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

उन्नाव स्थित परिसर में आयोजित इस समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय रहे। उनके साथ राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू, कुलपति प्रो. (डॉ.) विनीत कुमार नायर, प्रो वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह समेत विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

योगी सरकार में यूपी बन रहा उच्च शिक्षा का हब

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों की उपस्थिति प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश सरकार शिक्षा को तकनीक, रोजगार और संस्कारों से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रस्तुत शोध मॉडल और तकनीकी परियोजनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि भारत का युवा केवल ज्ञान अर्जित नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के समाधान भी तैयार कर रहा है। फुटप्रिंट्स से बिजली उत्पादन जैसी अभिनव अवधारणाएं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

50 करोड़ की स्कॉलरशिप से मेधाओं को मिल रही नई उड़ान

विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आयोजित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) के माध्यम से 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप देने की घोषणा की गई है। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।

इन्हीं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित सीयू स्कॉलर समिट में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को दूर कर प्रतिभाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

सीयूसीईटी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का मिशन

राज्यसभा सांसद एवं चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि सीयूसीईटी केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं बल्कि प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने का एक राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य विद्यार्थी को आर्थिक कारणों से अपने सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय ने व्यापक स्कॉलरशिप कार्यक्रम शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के सपने वैश्विक हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पूरी दुनिया को बदल रहा है। आने वाले समय में तकनीक इतनी सक्षम होगी कि एक व्यक्ति स्वयं एक पूरी कंपनी संचालित कर सकेगा। ऐसे में विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं बल्कि ऐसे भविष्य के नेता तैयार करना है जो एआई और उभरती तकनीकों के माध्यम से समाज और राष्ट्र को नई दिशा दे सकें।

एआई और नई तकनीकों पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में देश के कई प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अमन गुप्ता (को-फाउंडर, बोट), डॉ. शैलेश कुमार (रिलायंस जियो), अस्वथी वेणुगोपाल (कॉग्निजेंट), अर्पित त्रिवेदी (हिताची सिस्टम्स इंडिया) सहित कई विशेषज्ञों ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, डेटा साइंस, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और भविष्य के करियर अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।
इसके अलावा अभिनेता एवं गायक अपारशक्ति खुराना, गायिका असीस कौर तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

इनोवेशन, स्किल और ग्लोबल एक्सपोजर पर फोकस

विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल स्किल्स, समस्या समाधान क्षमता, नवाचार सोच और नई तकनीकों की समझ विकसित करनी होगी। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में एआई और डिजिटल तकनीक लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित करेंगी, इसलिए जो विद्यार्थी समय के साथ स्वयं को अपडेट रखेंगे, उनके लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर अधिक होंगे।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोहराया कि देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स, वैश्विक अवसर और नवाचार आधारित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा-भाव, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक : आयुष मंत्री परमार

भोपाल

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि होम्योपैथी केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का माध्यम है। चिकित्सकों का दायित्व केवल रोगों का उपचार करना नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ, जागरूक एवं निरोग बनाने में सक्रिय भूमिका निभाना भी है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा-भाव, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है।

मंत्री  परमार भोपाल स्थित पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान के रजत जयंती सभागार में आरोग्य भारती एवं शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “नेशनल होम्योपैथी कॉन्फ्रेंस -अमृतम” शुभारम्भ कर चिकित्सकों, शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री  परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रदेश सरकार भी आयुष एवं होम्योपैथी चिकित्सा के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान तथा चिकित्सा अधोसंरचना के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। मंत्री  परमार ने उज्जैन में नवीन शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जाने की बात भी कही।

कार्यक्रम के सारस्वत वक्ता एवं राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. तारकेश्वर जैन ने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति मानव कल्याण और स्वस्थ समाज के निर्माण की भावना से विकसित हुई है। उन्होंने चिकित्सकों से चिकित्सा पद्धति के मूल सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहकर जनसेवा करने का आह्वान किया।

आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने समग्र चिकित्सा पद्धतियों के समन्वित विकास पर बल देते हुए कहा कि सभी चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञों को सहयोग, संवाद और सेवा की भावना के साथ कार्य करना चाहिए, जिससे समाज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके।

देशभर से आए लगभग 450 होम्योपैथिक चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की सहभागिता वाले इस सम्मेलन एवं कार्यशाला में होम्योपैथी चिकित्सा के नवीन आयामों, अनुसंधान, चिकित्सा शिक्षा, जनस्वास्थ्य तथा समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से नवीन ज्ञान एवं अनुभव प्राप्त किए।

कार्यशाला में अपर सचिव सह आयुक्त आयुष डॉ संजय मिश्रा, प्रख्यात प्रबंधन विशेषज्ञ  एस.बी. डंगायच, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी, प्रदेश के विभिन्न होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालयों के प्राचार्य, चिकित्सक, शोधकर्ता एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

4 जून को योग के ऑनलाइन सत्र में हर नागरिक हो शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों से ऑनलाइन योग सत्र में शामिल होने की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसने आज सम्पूर्ण विश्व को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का मार्ग दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक जनआंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है। आज अनेक राष्ट्र योग के महत्व को स्वीकार और अंगीकार कर चुके हैं। योग दिवस 21 जून पर अनेक आयोजनों के साथ ही 14 जून को विशेष ऑनलाइन सत्र आयोजित किया जा रहा है। बीस मिनिट के इस ऑनलाइन सत्र में कोई भी नागरिक हिस्सा ले सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : 2026 के सातवें काउन्ट डाउन के अवसर पर आयुष मंत्रालय, भारत सरकार ने 14 जून, 2026 को प्रातः 06:15 बजे से 07:35 बजे तक एक विशेष ऑनलाइन योग सत्र के आयोजन का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को योग से जोड़ते हुए स्वस्थ, जागरूक एवं निरोग समाज का निर्माण करना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठजनों, विद्यार्थियों, शासकीय सेवकों एवं सामाजिक संगठनों से आग्रह किया है कि वे इस ऑनलाइन योग सत्र में अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनें और योग को अपनी दैनिक जीवन शैली का अभिन्न अंग बनाएं।

टोल फ्री नंबर सुविधा

कार्यक्रम से जुड़ने के लिए टोल-फ्री नम्बर 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर पंजीयन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से की गई अपील में कहा है कि आइए, हम सभी मिलकर “घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग” के संकल्प के साथ अब हर घर योग को गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाने में सहभागी बनें और स्वस्थ मध्यप्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

 

शिक्षा, श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का सबसे प्रभावी उपक्रम : मंत्री परमार

भोपाल : गुरूवार, जून 11, 2026, 20:17 IST

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा है कि शिक्षा केवल विषयविद बनाने का साधन नहीं, बल्कि श्रेष्ठ नागरिक निर्माण का सबसे प्रभावी उपक्रम है। शिक्षित और संस्कारित युवा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

मंत्री  परमार भोपाल स्थित सेज यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित “सेज करियर डे-2026” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में वर्ष 2024 से 2026 के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित कंपनियों में चयनित 4 हजार 500 से अधिक विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया तथा चयनित विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।

मंत्री  परमार ने कहा कि सेज यूनिवर्सिटी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ें तथा अपनी प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के विकास में करें। मंत्री  परमार ने सभी विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मंत्री  परमार ने युवाओं से कहा कि” आपने अभी अपने पंख फैलाए हैं, आपकी उड़ान अभी बाकी है। जीवन की प्रत्येक चुनौती आपको और अधिक सशक्त बनाती है।” उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

सेज ग्रुप के डायरेक्टर जनरल डॉ. सर्वेश शुक्ला ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, उद्योग-अकादमिक सहयोग तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। प्रख्यात प्रबंधन गुरु एवं कॉलमिस्ट  एन. रघुरामन ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए प्रतिबद्धता, मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी। सेज ग्रुप की कार्यकारी निदेशक आर्किटेक्ट शिवानी अग्रवाल ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, कौशल विकास और समय प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला।

उच्च शिक्षा मंत्री परमार की अध्यक्षता में “विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025” को लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई

भोपाल 

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में भोपाल स्थित मंत्रालय में “विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025” के विभिन्न प्रावधानों एवं उसके संभावित प्रभावों के संबंध में उच्च स्तरीय बैठक हुई।

बैठक में विधेयक के प्रमुख प्रावधानों, उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता, गुणवत्ता आश्वासन, मानकीकरण, प्रत्यायन व्यवस्था, नियामकीय सुधार, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन तथा विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मंत्री  परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में यह विधेयक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन, मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक  अशोक कड़ेल, प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे सहित विविध शिक्षाविद,विषय विशेषज्ञ, उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालयों से संबंधित प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu